1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
- जेम्स मिल स्कॉटलैंड का निवासी था।
- लॉर्ड क्लाइव ने भारत का नक्शा तैयार करने की जिम्मेदारी जेम्स रेनेल को सौंपी थी।
- अभिलेखों को सुंदर ढंग से लिखने वाले कातिब कहलाते हैं।
- भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन थे।
- भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार दिल्ली में बनाया गया।
2. सही (√) और गलत (×) का चिह्न लगाइए :
- लोगों ने चाय पीना कब से शुरू किया, इसकी निश्चित तिथि को बताया जा सकता है। (×)
- अंग्रेज़ प्रशासन के लिए अभिलेख तैयार करवाते थे। (√)
- सरकारी दस्तावेजों से हमें आम लोगों की सोच के बारे में पता चलता है। (×)
- अंग्रेजों के शासन से पहले भारत में अंधकार का दौर था। (×)
3. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिए :
क. इतिहास में तारीखों का क्या महत्व है?
तारीखों से घटनाओं का क्रम पता चलता है। कौन सी घटना पहले हुई और कौन सी बाद में, इससे कारण और परिणाम समझने में मदद मिलती है। तारीखों के बिना इतिहास एक कहानी जैसा लगेगा।
ख. जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को किन-किन कालखंडों में विभाजित किया है?
जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को 3 कालखंडों में बाँटा:
1. हिंदू काल
2. मुस्लिम काल
3. ब्रिटिश काल
ग. औपनिवेशिक युग किसे कहा जाता है?
जब एक देश दूसरे देश पर राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से अपना नियंत्रण कर लेता है, उसे उपनिवेश कहते हैं। भारत में अंग्रेज़ों के शासन काल 1757 से 1947 तक को औपनिवेशिक युग कहा जाता है।
4. सर्वेक्षण से हमें क्या जानकारी मिल सकती है?
सर्वेक्षण से किसी क्षेत्र की भूगोल, मिट्टी, फसल, गाँव, शहर, नदियाँ, पहाड़, आबादी, लोगों के रीति-रिवाज़ आदि की जानकारी मिलती है। अंग्रेजों ने शासन चलाने के लिए राजस्व सर्वेक्षण, वन सर्वेक्षण आदि करवाए।
5. अभिलेखागार की आवश्यकता क्यों है?
अभिलेखागार में पुराने सरकारी दस्तावेज, फाइलें, नक्शे, पांडुलिपियाँ सुरक्षित रखी जाती हैं। ये इतिहास लिखने के स्रोत होते हैं। इनसे हम अतीत की प्रशासन, नीतियों और घटनाओं को समझ पाते हैं।
6. आधुनिक भारत के ऐतिहासिक स्रोत कौन-कौन से हैं?
- सरकारी दस्तावेज - रिपोर्ट, फाइलें, कानून
- सर्वेक्षण और नक्शे
- जनगणना रिपोर्ट
- अखबार, किताबें, डायरियाँ
- चित्र, फोटो, इमारतें
- लोकगीत, कहानियाँ
7. अगर इतिहास में अवधियाँ तय नहीं होती, तो हमें किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता?
अगर कालखंड तय न हों तो घटनाओं को समझना मुश्किल होगा। कौन सी घटना किस समय की है, बदलाव कैसे आए, ये पता नहीं चलेगा। सारी घटनाएँ मिली-जुली लगेंगी और इतिहास पढ़ना बहुत कठिन हो जाएगा।
8. इतिहास में तारीखों का महत्व होता है। क्या आप इससे सहमत हैं?
हाँ, मैं सहमत हूँ। तारीखों से घटनाओं का क्रम बनता है। पर सिर्फ तारीख याद करना इतिहास नहीं है। तारीख के साथ ये समझना ज़रूरी है कि उस दिन क्या हुआ, क्यों हुआ, और उसका क्या असर पड़ा।
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