नागरिक शास्त्र - अध्याय उत्तर
प्रश्न 2. निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
i) पंथनिरपेक्षता से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: पंथनिरपेक्षता का अर्थ है राज्य का किसी धर्म से संबंध न होना। राज्य सभी धर्मों को बराबर मानेगा और किसी धर्म में दखल नहीं देगा।
ii) "भारत में लोकतंत्र है।" कैसे?
उत्तर: भारत में जनता द्वारा चुनी गई सरकार होती है, चुनाव होते हैं, मौलिक अधिकार हैं और जनता को बोलने की आज़ादी है। इसलिए भारत में लोकतंत्र है।
iii) सामाजिक न्याय का क्या अर्थ है?
उत्तर: सामाजिक न्याय का अर्थ है समाज में सभी वर्गों, जातियों के साथ बराबरी का व्यवहार हो और कमजोर वर्गों को विशेष अवसर मिलें।
iv) व्यक्ति की गरिमा की रक्षा के लिए संविधान में क्या प्रावधान किए गए हैं?
उत्तर: मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य और प्रस्तावना में व्यक्ति की गरिमा की रक्षा की गई है। भेदभाव पर रोक और सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार दिया गया है।
v) भारतीय संविधान में कौन-से आधारभूत मूल्य निहित किए गए हैं?
उत्तर: न्याय, स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और राष्ट्र की एकता।
प्रश्न 4. राष्ट्र की अखंडता को कैसे बनाये रखा जा सकता है? कोई तीन सुझाव दीजिए।
उत्तर:
- सभी धर्मों और भाषाओं का सम्मान करना।
- राष्ट्रीय एकता और भाईचारे को बढ़ावा देना।
- क्षेत्रवाद और सांप्रदायिकता से दूर रहना।
प्रश्न 5. प्रस्तावना 'हम, भारत के लोग' वाक्यांश से शुरू होती है। इस वाक्यांश से क्या तात्पर्य है? संविधान में भारत को एक पंथनिरपेक्ष गणराज्य घोषित किया गया है। इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर:
'हम, भारत के लोग' का अर्थ है कि संविधान भारत की जनता द्वारा बनाया गया है और सारी शक्ति जनता में निहित है।
कारण: भारत में अनेक धर्म हैं। सभी को समान अधिकार देने और धार्मिक झगड़े रोकने के लिए भारत को पंथनिरपेक्ष घोषित किया गया।
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