इतिहास - उत्तर कुंजी

1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :

  1. ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना महारानी एलिजाबेथ प्रथम के समय हुई थी।
  2. जेम्स प्रथम का राजदूत बनकर कैप्टन हॉकिंस जहाँगीर के दरबार में आया।
  3. अंग्रेजों ने अपनी पहली व्यापारिक कोठी सूरत स्थान पर स्थापित की थी।
  4. सिराजुद्दौला ने फोर्ट विलियम की किलेबंदी को नष्ट करने का आदेश दिया।
  5. मीरजाफर ने प्लासी युद्ध में अंग्रेजों का साथ दिया।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।

  1. अंग्रेजों को बंगाल में सीमित क्षेत्र में व्यापार की इजाजत किसने दी?
    मुगल बादशाह फर्रुखसियर ने 1717 में एक फरमान जारी कर अंग्रेजों को बंगाल में 3000 रुपये वार्षिक कर देकर बिना शुल्क व्यापार करने की इजाजत दी।
  2. प्लासी के युद्ध का क्या कारण था?
    मुख्य कारण थे: सिराजुद्दौला द्वारा फोर्ट विलियम की किलेबंदी नष्ट करना, अंग्रेजों का दस्तक का दुरुपयोग, और अंग्रेजों का सिराजुद्दौला के राजनीतिक विरोधियों से मिलना।
  3. अंग्रेज टीपू सुल्तान से क्यों भयभीत थे?
    टीपू सुल्तान एक वीर और कुशल शासक था। उसने फ्रांसीसियों से मित्रता की, आधुनिक हथियार बनाए और अंग्रेजों को कई बार युद्ध में हराया। इसलिए अंग्रेज उससे डरते थे।
  4. झारखंड, कंपनी सरकार के संपर्क में कैसे आया?
    1765 में इलाहाबाद की संधि के बाद कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मिली। उस समय झारखंड का बड़ा हिस्सा बिहार का भाग था, इस तरह वह कंपनी के संपर्क में आया।
  5. नवाब द्वारा अपनी राजधानी मुर्शिदाबाद स्थानांतरित करने का क्या उद्देश्य था?
    नवाब मुर्शिद कुली खान ने व्यापारिक गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण रखने और बंगाल की समृद्ध राजस्व वसूली के लिए ढाका से राजधानी मुर्शिदाबाद स्थानांतरित की।

3. प्लासी का युद्ध अंग्रेजों ने किस प्रकार से जीता?

प्लासी का युद्ध 23 जून 1757 को हुआ। अंग्रेजों ने यह युद्ध सैन्य शक्ति से नहीं, बल्कि छल और विश्वासघात से जीता। रॉबर्ट क्लाइव ने नवाब सिराजुद्दौला के सेनापति मीर जाफर, जगत सेठ और राय दुर्लभ से गुप्त समझौता कर लिया। युद्ध के मैदान में मीर जाफर और राय दुर्लभ ने अपनी सेना के साथ युद्ध नहीं किया। सिराजुद्दौला की बाकी सेना अकेली पड़ गई और हार गई। इस तरह छोटी सी अंग्रेजी सेना ने नवाब की विशाल सेना को हरा दिया।

4. बक्सर युद्ध के क्या परिणाम हुए?

बक्सर का युद्ध 22 अक्टूबर 1764 को हुआ। इसके परिणाम:

  1. मीर कासिम, अवध के नवाब शुजाउद्दौला और मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना हार गई।
  2. 1765 में इलाहाबाद की संधि हुई। कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी यानी राजस्व वसूलने का अधिकार मिल गया।
  3. अवध कंपनी पर आश्रित राज्य बन गया।
  4. मुगल बादशाह कंपनी के पेंशनभोगी बन गए। इससे भारत में कंपनी का वास्तविक शासन शुरू हो गया।

5. दिल्ली पर शासन करने का मराठों का सपना क्यों पूरा नहीं हुआ?

  1. पानीपत की तीसरी लड़ाई 1761 में अहमद शाह अब्दाली से हारने के कारण मराठा शक्ति कमजोर हो गई।
  2. मराठा सरदारों में आपसी फूट और एकता की कमी थी।
  3. अंग्रेजों की बढ़ती शक्ति और चालाक नीति के कारण मराठे कमजोर पड़ते गए।
  4. तीन आंग्ल-मराठा युद्धों में हार के बाद मराठा साम्राज्य पूरी तरह समाप्त हो गया।

6. राज्य हड़प की नीति के क्या परिणाम हुए?

लॉर्ड डलहौजी की इस नीति के तहत अंग्रेजों ने सतारा, नागपुर, झाँसी, अवध आदि राज्यों को हड़प लिया। परिणाम:

  1. कई भारतीय शासक बेरोजगार और नाराज हो गए।
  2. जनता में अंग्रेजों के खिलाफ असंतोष फैला।
  3. यह 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख कारण बना।
  4. अवध के नवाब को हटाने से सिपाहियों में भी गुस्सा भड़का।

7. बंगाल की दीवानी मिलने से ईस्ट इंडिया कंपनी को क्या लाभ हुआ?

1765 में इलाहाबाद संधि से कंपनी को बंगाल की दीवानी मिली। लाभ:

  1. कंपनी को बंगाल, बिहार, उड़ीसा का राजस्व वसूलने का अधिकार मिला, जिससे सालाना करोड़ों रुपये की आय हुई।
  2. कंपनी ने इस धन से अपना व्यापार बढ़ाया और सेना मजबूत की।
  3. अब कंपनी को भारत में व्यापार के लिए इंग्लैंड से पैसा मँगाने की जरूरत नहीं रही।
  4. राजनीतिक शक्ति बढ़ने से कंपनी धीरे-धीरे शासक बन गई।